



हमारे बारे में (About Us)
श्री रंगीली कुंज आश्रम, श्रीधाम वृन्दावन
हरिदासी परंपरा की टटिया स्थान गद्दी परंपरा के अनुगामी श्री रंगीली कुंज आश्रम की स्थापना वर्ष 2009 में पूज्य रसिक संत बाबा श्री श्याम दास जी महाराज द्वारा की गई। आश्रम का विधिवत पंजीकरण जनवरी 2024 में श्री रंगीली राधा धर्मार्थ ट्रस्ट के नाम से किया गया, जो आयकर अधिनियम की धारा 12A एवं 80G के अंतर्गत पंजीकृत एवं कर-मुक्त है।
अपनी स्थापना से ही आश्रम संत-समाज, साधु-संतों तथा निर्धन एवं असहाय जनों की सेवा में निरंतर समर्पित रहा है। साथ ही, सत्संग और भजन-कीर्तन के माध्यम से यह जनमानस में भक्ति, सेवा और समर्पण की भावना जाग्रत करने का पावन कार्य कर रहा है।
हमारे आश्रम का मुख्य ध्येय है –
संत महात्माओं, साधु-संतों तथा भक्तजनों की सेवा करना।
गौ सेवा, गौशाला का संचालन एवं जीव सेवा।
भूखे, निराश्रित व जरूरतमंद लोगों को भोजन, वस्त्र और सहारा प्रदान करना।
यमुना मैया की स्वच्छता और दैनिक जल सेवा।
मंदिरों में विराजमान ठाकुर जी की सेवा, भोग, श्रृंगार एवं भंडारा आयोजन।
वृन्दावन परिक्रमा मार्ग में जल प्याऊ एवं सेवा कार्य।
हमारी प्रेरणा “भक्ति और सेवा ही जीवन का सच्चा आधार है” इस सिद्धांत से मिलती है।
श्री रंगीली कुंज आश्रम आप सभी श्रद्धालुओं को इस पुण्य कार्य में सहभागी बनने के लिए आमंत्रित करता है।
ट्रस्ट के उद्देश्य :
- श्री हरिदासी सम्प्रदाय अन्तर्गत आचार्योंत्व समाज गान, संकीर्तन, संत भक्त विशिष्ट सेवा, भोजन प्रसादी, दर्शन, भंडारा आदि।
- विराजमान श्री रंगीली बिहारी बिहारीनि पोशाक, भोग आदि मंदिर आश्रम सेवा।
- संत सेवा, भंडारा, अनुश्रवण आदि।
- दैनिक यमुना जल सेवा।
- मोर, बन्दर, कुत्ता, पक्षी आदि जीवों की सेवा।
- परिक्रमा मार्ग में जल प्याऊ सेवा व अन्य।